Tuesday, June 7, 2011

दिल्ली के रामलीला मैदान में साधू और संतों पर हुए अत्याचार: सरकार ने पतन की ओर बढाया कदम

दिल्ली के रामलीला मैदान में साधू और संतों पर हुए अत्याचार ने भारत के संबिधान की स्वतंत्रतता को न सिर्फ शर्मसार किया है बल्कि द्वापर युग मैं मथुरा के राजा कंस द्वारा साधू और संतों पर किये गए अत्याचारों की याद तजा करा दी है ! लेकिन शायद सरकार ये भूल गई की उसका अंत स्यम भगवन श्री कृष्ण ने किया था!
त्रेता युग में रावन ने किये अत्याचारों की तुलनात्मक कारवाही की है ! याद रहे उस रावन का अंत भी भगवन श्री राम ने किया!
अर्थात जिसने भी अपने मद मैं चूर होकर साधू सन्यासियों पर अत्याचार किये शीघ्र ही उसका पतन हुआ है!
क्या अब लोकतंत्र में शांति पूर्वक तरीके से अपनी बात कहने का हक़ भी कांग्रेस की सरकार आम आदमी को नहीं देना चाहती !

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