अगर स्वामी रामदेव बकई समाज सेवा और देश की सेवा करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने कैंप मैं जन साधारण पर लगने वाले शुल्क को हटाएँ, इससे समाज मैं क्रांति आ जाएगी !
अगर वो ऐसा नहीं कर पते तो भारत की जनता उन पर कैसे विस्वास करेगी!
अगर उनके दिल मैं पैसा कमाने की नहीं शिर्फ़ योग की भावना है तो उनके कैंप का टिकेट १-५ हज़ार रूपये क्यों है! १० रूपये क्यों नहीं ?